‘गुरु नानक देव जी के प्रकाशमय रूप के दर्शन’ – साधक अनुभव |

गुरु नानक देव जी के प्रकाशमय रूप के दर्शन

-बीरेन्द्र प्रसाद सिंह

2 नवम्बर 2017 को 10 बजे से 11.30 बजे सुबह कंलदर कुटीर में जब ओशो गोपाल जी क्लास ले रहे थे, तो ध्यान करते वक्त मुझे गुरु नानक जी के दर्शन हुए। एक सुनहरे प्रकाश के साथ उनकी तस्वीर मेरे अंदर आयी। मैं आत्मविभोर हो गया और उसके बाद मैंने ओशो गोपाल जी के चरण स्पर्श करते हुए शुक्रिया अदा किया एवं अश्रु बहने लगे। उसके बाद मेरे मन में गुरु नानक जी के प्रति बहुत श्रद्धा जगी और उनकी एक तस्वीर ले जाने का मन हुआ।

गलैरिया में मैंने देखने की कोशिश की कि जिस रूप में उन्होंने मुझे दर्शन दिए थे, ऐसी तस्वीर है कि नहीं। सौभाग्य की बात है कि वैसी ही फ्रेम की हुई तस्वीर, उसी प्रकाशमय रूप के अनुसार मुझे गलेरिया में मिल गयी। जिसे मैं साथ लेकर जा रहा हूं। मैं सद्गुरु ओशो सिद्धार्थ औलिया जी का बहुत-बहुत आभारी हूं कि उन्होंने मुझे कार्यक्रम करने के लिए प्रेरित किया और मैं उनका दिशा-निर्देश का पालन करते हुए आ गया एवं उनका बहुत-बहुत आभार एवं शुक्रगुजार प्रकट करता हूं तथा साथ में ओशो गोपाल जी के प्रति भी आभार एवं श्रद्धा व्यक्त करता हूं।

बीरेन्द्र प्रसाद सिंह

(बी.पी. सिंह)

धावन नगर, कांके रोड रांची (झारखंड)

उपनिदेशक- भारतीय योग एवं प्रबधन संस्थान

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